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why investment is important

निवेश करना क्यों आवश्यक है और निवेश के विकल्प क्या है ? | Why Investing is important and where to invest?

निवेश एक प्रक्रिया है जिसमे हम अपने पैसे को अलग-अलग एसेट क्लास में आबंटन करते है, इस आशा में कि भविष्य में यह हमें और अधिक पैसे बना कर देगा। 

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हर व्यक्ति चाहता है कि वह ऐसी जगह अपने पैसे को लगाए जहाँ से उसे ज्यादा से ज्यादा मुनाफ़ा हो ताकि वह अपने भविष्य के उद्देश्य को पूरा कर सके।

निवेश करना क्यों आवश्यक है ?

निवेश के पीछे हर व्यक्ति के अपने अलग-अलग उद्देश्य हो सकते है, किसी को अपनी रिटायरमेंट के लिए पैसे जुटाना है, तो किसी को अपने बच्चों कि पढ़ाई या शादी के लिए, किसी को विदेश यात्रा के लिए इन्वेस्टमेंट करनी है तो किसी को प्रॉपर्टी के लिए निवेश करना है।  

 

उद्देश्य जो भी हो लेकिन मिडिल क्लास फैमिली के लिए निवेश करना बहुत जरूरी हो जाता है तब जब उसकी आय  कि सीमा सिमित हो और भविष्य में पैसे कि आवश्यकता अधिक। 

 

आज हमारे समक्ष निवेश के बहुत से विकल्प उपलब्ध है परन्तु हर विकल्प में मुनाफ़ा और जोखिम कि सीमा भी अलग रहती है।

 

किसी भी निवेश से पहले हमें इस बात का आकलन जरूर करना चाहिए कि निवेश के पीछे हमारा उद्देश्य क्या है और उस उद्देश्य को पूरा करने के लिए हमें कितनी रकम कि आवश्यकता है ताकि अपने जोखिम लेने कि क्षमता को ध्यान में रखते हुए हम आय का एक पर्याप्त हिस्सा हर महीने निवेश के लिए रख सके। 

 

जब हम निवेश की बात करते है तो जेहन में सबसे पहले एक प्रश्न उठता है कि निवेश के लिए सबसे अच्छा विकल्प कौन सा है?

 

अधिकतर लोग इसी कशमकश में रहते है कि निवेश कहाँ करें? कौन सा निवेश उनकी आय और जोखिम लेने कि क्षमता के अनुसार बेहतर है? और इसी ज्ञान के अभाव में लोग अपने खून पसीने से कमाई गए पैसो को गलत जगह लगा देते है जिससे मुनाफ़ा कमाने कि जगह उन्हें उल्टा पैसा गवाना पड़ जाता है। .

 

इस ब्लॉग पोस्ट में हम आपको निवेश के सबसे बेहतर प्लेटफॉर्म के बारे में बताएंगे जिसमे आप अपनी कमाई और रिस्क लेने कि क्षमता के अनुसार निवेश कर सकते है।

निवेश के विकल्प

What is Equity Mutual Fund

म्यूच्यूअल फंड :- अगर आप शेयर मार्किट में निवेश करना चाहते है लेकिन शेयर मार्किट के बारे में आप बहुत ज्यादा नहीं जानते तो भी आप म्यूच्यूअल फंड के जरिये शेयर मार्किट में निवेश कर सकते है और मोटा पैसा बना सकते है ?  

 

आइए समझते है म्यूच्यूअल फंड कैसे काम करता है ? 

 

म्यूच्यूअल फंड कंपनियां निवेशकों से पैसे जुटाती है उसके बाद  फंड मैनेजर द्वारा उन पैसों को अलग अलग एसेट क्लास जैसे कंपनियों के शेयर, गोल्ड, बॉन्ड और मनी मार्किट इंस्ट्रूमेंट में निवेश करती है, जिसके बदले 1 से 1.30 परसेंट तक चार्ज लेती है। 

 

ये चार्ज आपको अलग से नहीं देना होता। आपके द्वारा निवेश किये गए फंड में से ही चार्ज काट लिए जाते है।म्यूच्यूअल फंड में निवेश से 8-12% तक का रिटर्न मिल जाता है। 

 

शेयर बाजार:-  शेयर बाजार सबसे ज्यादा जोखिम भरा होता है लेकिन ये भी सच है की लम्बे समय में इससे अधिक मुनाफ़ा देने वाला कोई एसेट क्लास नहीं है।  

 

शेयर बाजार में निवेश के लिए आप दो तरीके अपना सकते है पहला ये की आप किसी एक्सपर्ट अथवा किसी स्टॉक ब्रोकर के जरिये शेयर में निवेश कर सकते है, जिसके बदले आपको कुछ चार्ज देना होगा, दूसरा तरीका है की आप खुद शेयर मार्किट के बारे में जाने, शेयर मार्किट में समय दें और निवेश करें।  

 

अगर आप डिसिप्लिन के साथ शेयर बाजार में निवेश करें तो शेयर बाजार से आप अधिक से अधिक मुनाफ़ा कमा सकते है. अगर में एक औसतन मुनाफ़े की बात करूँ तो शेयर मार्किट सालाना आपको 12 % से 20 % तक return दे सकती है। 

पब्लिक प्रोविडेंड फंड:-  पीपीएफ एक पोस्ट ऑफिस सेविंग स्कीम है, जो की 15 साल के लॉक इन पीरियड के साथ होता है। जिसका मतलब यह है कि 15 साल से पहले आप पीपीएफ से पैसा नहीं निकल सकते। 

 

इसमें आपको निश्चित ब्याज मिलता है जिसकी घोषणा हर तिमाही में भारत सरकार द्वारा की जाती है। मौजूदा समय में PPF पर 7.1 % का ब्याज दिया जा रहा है। जिन लोगो को अपने निवेश पर किसी प्रकार का जोखिम नहीं चाहिए और एक स्टेबल इनकम चाहिए वह पीपीएफ में निवेश कर सकता है।  

 

पीपीएफ में व्यक्ति एक से अधिक अकाउंट नहीं खुलवा सकता इसके अलावा पीपीएफ में सालाना कम से कम 500 रूपये और अधिक से अधिक 150000 रूपये तक निवेश किया जा सकता है।  

 

पब्लिक प्रोविडेंड फंड में निवेश से टैक्स में भी छूट मिलती है।  यही नहीं,मच्योरिटी पर पीपीएफ से मिलने वाला पैसा भी टैक्स फ्री होता है अर्थात इस पर किसी प्रकार का कोई टैक्स सरकार को नहीं देना होता। 

 

नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट:- नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट (NSC) एक छोटी बचत योजना है जो पोस्ट ऑफिस सेविंग स्कीम के अंतर्गत आती है।

 

इसकी मच्योरिटी पीरियड 5 साल है अर्थात (NSC) में निवेश के 5 साल बाद ही आप इसमें से पैसे निकाल सकते है।  

एन.एस.सी. आपके निवेश पर सुरक्षा के साथ आपको बैंकों से अच्छा मुनाफा/ब्याज  भी प्रदान करती है।  इसमें आपको 6.8 % का ब्याज मिल जाता है ( ध्यान रहे, पोस्टल ऑफिस सेविंग स्कीम की ब्याज दरें हर तिमाही में भारत सरकार द्वारा बदली जाती है)।  

एन.एस.सी. में निवेश हेतु आप किसी भी नज़दीकी पोस्ट ऑफिस में जा सकते है और  मात्र 1000 रूपये के साथ इसमें निवेश शुरू कर सकते है . एन.एस.सी. में आयकर अधिनियम 80C के तहत टैक्स में  छूट का भी प्रावधान है।

 

 

नेशनल किसान पत्र:- NSC और PPF की तरह नेशनल किसान पत्र (KVP) भी पोस्ट ऑफिस की एक सेविंग स्कीम है। यह एक सुरक्षित निवेश है, यह स्कीम उन लोगो के लिए बहुत बढियां है जो अपने निवेश पर किसी प्रकार का जोखिम नहीं चाहते और एक निश्चित इनकम चाहते है।  

मात्र 1000 रूपये दे कर आप अपने किसी भी नज़दीकी पोस्ट ऑफिस से KVP खरीद सकते है। 

 

जैसा की हम जानते है की पोस्ट ऑफिस के सभी सेविंग स्कीम पर ब्याज दरें एक समय अंतराल में भारत सरकार द्वारा संशोधित किया जाता है। अतः KVP पर भी ब्याज दरें हर तिमाही में सरकार द्वारा घोषित की जाती है. मौजूदा समय में KVP पर 6.9 % के दर से ब्याज मिलता है। 

 

फिक्स्ड डिपॉजिट:- Fixed Deposit (FD) एक फ़ाइनेंशियल इंस्ट्रूमेंट है जो लगभग सभी बैंकों द्वारा अपने ग्राहकों को उपलब्ध करवाया जाता है। Fixed Deposit खुलवाने के लिए जरूरी नहीं है की आपका बचत खाता उस बैंक में हो। 

 

हालाँकि FD में ब्याज दरें पोस्ट ऑफिस के सेविंग स्कीम जैसे PPF, NSC, KVP से कम होती है लेकिन सुरक्षित निवेश और स्टेबल इनकम के लिए निवेशक FD में निवेश करवा सकते है। 

 

FD में ब्याज दरें बैंकों द्वारा निर्धारित की जाती है। यह लगभग 6% से 6.5 % तक होता है.

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