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national pension scheme 2021

NPS:जानिए क्या है नेशनल पेंशन स्कीम, NPS टैक्स बेनिफिट, रिटायरमेंट बेनिफिट

National Pension Scheme (NPS): भारत सरकार द्वारा भारत के नागरिकों के लिए कई तरह के पेंशन स्कीम चलाई जा रही है। जिनमें मुख्य रूप से  EPF, PPF, अटल पेंशन योजना आदि शामिल है।  

 

नेशनल पेंशन स्कीम (NPS) भी भारत सरकार द्वारा घोषित एक रिटायरमेंट प्लान है। सबसे पहले इस योजना को 2004 में केवल सरकारी कर्मचारियों के लिए शुरू किया गया था उसके बाद साल 2009 में यह स्कीम सभी लोगों के लिए खोल दिया गया।

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जैसा की नाम से ही मालूम होता है कि NPS एक प्रकार का पेंशन प्लान है। भारत सरकार की यह रिटायरमेंट स्कीम भारत के नागरिकों के साथ-साथ NRI के लिए भी उपलब्ध है। कोई भी व्यक्ति जिसकी उम्र 18 साल से अधिक है और 65 साल से कम है , इस योजना का लाभ उठा सकता है।  

 

इस योजना में नामांकन के लिए सरकारी कर्मचारी अपने नोडल ऑफिस जा सकते है , बाकी लोग (प्राइवेट कर्मचारी, अन्य लोग ) POP  के अधिकृत ब्रांच जा कर NPS में खाता खुलवा सकता है।

 

अपने क्षेत्र के POP के अधिकृत ब्रांच आप नीचे दिये गए साइट के माध्यम से पता लगा सकते है।  https://www.npscra.nsdl.co.in/pop-sp.php

NPS कैसे काम करता है?

NPS एक रिटायरमेंट प्लान है, जो लोगों को पेंशन खाते में निवेश के लिए प्रोत्साहित करती है, ताकि नौकरी से रिटायरमेंट के बाद भी वित्तीय रूप से उनकी सहायता हो सके।  

 

जब भी कोई व्यक्ति NPS में खाता खुलवाता है तो KYC वेरिफिकेशन के बाद खाताधारकों को PRAN ( परमानेंट रिटायरमेंट अकाउंट नंबर ) दिया जाता है जो एक प्रकार का उनके खाता का आइडेंटिटी नंबर होता है। 

 

NPS में निवेश के बाद आपको पेंशन फंड मैनेजर मिलता है जो आपके फंड को मैनेज करता है।साथ ही अगर आपके फंड मैनेजर का परफॉर्मेंस ठीक नहीं है तो आपके पास फंड मैनेजर बदलने का विकल्प भी होता है

 

NPS में आपके द्वारा निवेश की गयी राशि को दो सेक्टर में निवेश किया जाता है, जिसमें एक हिस्सा डेट फंड में और दूसरा हिस्सा इक्विटी फंड में निवेश किया जाता है। 

 

किस फंड में कितना हिस्सा निवेश करना है यह आप खुद भी डिसाइड कर सकते है।  लेकिन ध्यान रहे कुल राशि का 75 % तक ही इक्विटी फंड में निवेश किया जा सकता है बांकी 25 % डेट फंड में निवेश किया जा सकता है।

NPS में टैक्स बेनिफिट क्या है ?

NPS की सबसे बड़ी खासियत है कि यह स्कीम आपको सबसे अधिक टैक्स बेनिफिट प्रदान करता है।  

 

इनकम टैक्स के सेक्शन 80c के तहत आपको 1.5 लाख तक के निवेश पर टैक्स छूट तो मिलता ही है इसके अलावा भी 50000 तक का छूट आप NPS में ले सकते है।  कहने का मतलब है कि NPS में निवेश से आप 2 लाख तक का टैक्स में छूट का फायदा उठा सकते है।  

 

इसके अलावा NPS पर मिलने वाला रिटर्न भी टैक्स फ्री होता है। जब आप 60 साल कि उम्र के बाद एकमुश्त राशि NPS से निकालते है वो भी टैक्स फ्री होता है।

NPS में मैच्योरिटी पीरियड क्या है ?

NPS एक लॉन्ग टर्म रिटायरमेंट प्लान है। 60 साल की उम्र से पहले NPS खाते से आप कोई रकम नहीं निकाल सकते। 

 

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जब कोई व्यक्ति NPS में निवेश करता है तो वह अपने 60 साल की उम्र के बाद ही कुल राशि का 60 % एकमुश्त राशि निकाल सकता है। बाकी 40 % राशि उन्हें पेंशन के रूप में हर महीने मिलता है।

NPS में निवेश पर कितना रिटर्न मिलता है ?

NPS में फंड को दो एसेट क्लास डेट और इक्विटी में निवेश किया जाता है। फंड का डेट और इक्विटी में बटवारा निवेशक कि आयु के अनुसार होता है। जितनी कम आयु होगी उतना अधिक फंड इक्विटी में निवेश होगा। और इक्विटी में निवेश के कारण NPS में रिटर्न का स्कोप बाकी सेविंग स्कीम के मुकाबले बढ़ जाता है।  

 

हम यह भली भांति जानते है कि इक्विटी में निवेश लम्बे समय में एक अच्छा रिटर्न दे सकता है।  इसलिए जितनी जल्दी आप NPS में खाता खुलवाते है , फंड को मच्योर होने के लिए उतना अधिक समय मिलता है जिसके कारण आपके निवेश पर अधिक रिटर्न मिलने कि सम्भावना बढ़ जाती है। 


अगर हम एक एवरेज रिटर्न की बात करें तो NPS में आपको 8 % से 13 % तक का रिटर्न मिल जाता है।  जो कि बाकी रिटायरमेंट प्लान के मुकाबले काफी अच्छा है। 

क्या NPS में निवेश करना सही है ?

हां , यदि आप पेंशन के लिए एक अच्छे स्कीम की तलाश कर रहे  है तो NPS में निवेश आपके लिए एक बेहतर विकल्प हो सकता है। 

 

NPS इक्विटी और डेट का समावेश है। अर्थात नेशनल पेंशन स्कीम में आपका पैसा दो जगह निवेश किया जाता है।  एक डेट में और दूसरा इक्विटी में।  

 

डेट वाले हिस्से को पेंशन फंड मैनेजर कॉर्पोरेट बांड , गवर्नमेंट सिक्योरिटी , कमर्शियल पेपर जैसे इंस्ट्रूमेंट में निवेश करते है जहां आपका पैसा काफी हद तक सुरक्षित रहता है।  और इक्विटी वाले पार्ट को कंपनियों के शेयर में निवेश किया जाता है जिसके कारण आपके फंड पर थोड़ा सा रिस्क बढ़ जाता है।  

 

लेकिन लॉन्ग टर्म स्कीम होने के कारण इक्विटी में निवेश होने के बावजूद आपका पैसा सुरक्षित रहता है और साथ ही बाकी पेंशन स्कीम की अपेक्षा NPS में काफी अच्छे रिटर्न आपको मिलते है।  

 

यह जरुरी नहीं है की आपका पैसा इक्विटी में अधिक और डेट में कम लगाया जाता है।  आपकी उम्र के हिसाब से आपके पैसे को इक्विटी में और डेट में निवेश किया जाता है।  जैसे जैसे आपकी उम्र बढ़ती है आपके NPS में इक्विटी का भाग कम होता जाता है और डेट का हिस्सा बढ़ने लगता है।

NPS में निवेश कैसे करें ?

यदि आपका आधार कार्ड आपके मोबाइल नंबर और पैन कार्ड से अटैच्ड है तो आप NPS में ऑनलाइन माध्यम से भी खाता खोल सकते है। ऑनलाइन पंजीकरण के लिए आप इस लिंक पर जा सकते है https://enps.nsdl.com/। 

 

ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए आप POP के अधिकृत शाखा में विजिट कर सकते है। और वहां एक एप्लीकेशन फॉर्म , और KYC डॉक्यूमेंट के साथ NPS में खाता खुलवा सकते है।  

 

और यदि आप एक सरकारी कर्मचारी है तो आप अपने नोडल ऑफिस में विजिट कर सकते है  

 

NPS में निवेश की मिनिमम राशि 500 रुपये है और निवेश की अधिकतम सीमा की कोई लिमिट नहीं है।  ध्यान रहे NPS में एक व्यक्ति केवल एक ही खाता अपने नाम से खुलवा सकता है।  NPS में जॉइंट खाता मान्य नहीं है।

क्या होगा यदि आप किसी साल का प्रीमियम मिस कर देते है?

NPS में सालाना मिनिमम 500 रूपये का निवेश कम्पल्सरी है। लेकिन यदि आप किसी साल मिनिमम राशि भी अपने NPS खाते में जमा नहीं कर पाते है तो आपका खाता इनएक्टिव हो जाता है।  दुबारा से खाता को अनफ़्रीज़ / एक्टिव करने के लिए आपको पेनल्टी के साथ पिछ्ला सभी बकाया राशि जमा करना होता है। 

 

मान लीजिये कि आपने पिछले 3 साल में एक बार भी अपने NPS खाते में कोई रकम जमा नहीं किया।  अब आपको अपना खाता एक्टिव करने के लिए पिछला बकाया 1500 रूपये  (3 * 500 = 1500 ) पेनल्टी के साथ जमा करना होगा।

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