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personal finance management

Personal Finance: कभी पैसे की दिक्कत नहीं होगी अगर आप भी इन 5 रूल को फॉलो करते है तो

आपने अक्सर लोगो को कहते सुना होगा की भाई पैसा तो ठीक ठाक कमा लेता हूँ लेकिन पैसा बचा नहीं पाता और कभी कभी तो दूसरों से कर्ज भी लेना पड़ जाता है. 

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आखिर ऐसा क्यूँ होता है और क्यों लोग पैसा तो कमाते है लेकिन उन्हें बचा नहीं पाते और अगर किसी महीने घर के खर्च के अलावा कोई और सामान लेना पर जाए जैसे मोबाइल, टीवी, फर्नीचर, बाइक आदि तो उसके लिए दूसरों से कर्ज लेना पड़ता है.

 

इन सभी परेशानियों का मुख्य कारण है कि हम पैसे को ले कर सचेत नहीं रहते, हम पैसे को ले कर किसी तरह की प्लानिंग नहीं करते और इसलिए लोगो को पैसे कि किल्लतों का सामना हर आये दिन करना पड़ता है.

 

आज हम इस आर्टिकल में पैसे से जुड़ी इन्ही चीजों के बारे में  बात करेंगे और 5 साधारण तरीकों से जानेंगे की ऐसा क्या करें जिससे पैसे की दिक्कतों का सामना न करना पड़ें। 

 

तो आइए बिना देरी किये शुरू करते है

घर का बजट बनाना पर्सनल फाइनेंस मैनेजमेंट का एक बहुत ही महत्वपूर्ण हिस्सा है. घर का बजट ही हमें अपने घर के जरूरी और गैर जरूरी खर्च का व्योरा देता है. और इसी के माध्यम से हमें पता चलता है की हम कहाँ बेफिजूल खर्च कर रहे है. 

 

इसलिए सबसे पहले जरूरी है की आप महीने के सभी प्रकार के खर्चो का लिस्ट बनाये जिसमे बिजली के बिल से ले कर बाहर रेस्टोरेंट के खाने तक के सभी प्रकार के बिल शामिल हो. 

 

उसके बाद अब जरूरी खर्च और गैर जरूरी खर्च को अलग कर ले. इस प्रकार आपको ये पता चलेगा की आप किन खर्च पर कंट्रोल कर सकते है. 

 

उदाहरण के लिए अगर आपके बिल में रेस्टोरेंट का बिल या बाहर मूवी देखने जाने का खर्च हर हफ्ते हो रहा है तो इसे आप हफ़्तों की जगह महीने में एक या दो बार कर सकते है. जिससे महीने में मनोरंजन के साथ साथ आपके पैसे भी बचने शुरू हो जाएंगे। और इसी प्रकार अन्य गैर जरूरी खर्च में कटौती कर आप साल का एक बड़ा अमाउंट बचा सकते है.

#2 हर महीने अपनी कमाई का एक बचत करें

अगर आप अपनी कमाई का सारा पैसा घर के खर्चों में ही निकाल देंगे तो आप कभी भी पैसे की किल्लत की स्थिति से जूझ सकते है. इसलिए जरूरी है की हर महीने अपनी कमाई का एक हिस्सा भविष्य के लिए संजोय, जिससे आप भविष्य में किसी अनपेक्षित स्तिथि से आसानी से निपट सके और किसी ओर से पैसे मांगने की आवश्यकता न पड़े.  

 

इस काम के लिए आप सबसे पहले यह देखे की आप महीने का कितना कमा लेते है. और फिर उसके बाद सबसे पहले अपनी कमाई का कम से कम  10 प्रतिशत हिस्सा सेविंग के लिए रख ले. जिसे आप अपने जोखिम लेने की क्षमता के अनुसार पोस्ट ऑफिस के सेविंग स्कीम, म्युचुअल फंड आदि में निवेश करें।

 

इस प्रकार आप हर महीने अपनी कमाई का एक हिस्सा बचा पाएंगे जो की भविष्य में आपके बहुत काम आ सकता है.

 

अगर आप भविष्य में कोई ऐसी चीज लेना चाहते है जिसे आप एक बार में नहीं ले सकते जैसे मोबाइल ,लैपटॉप, गाड़ी, बाइक या कोई फर्नीचर आदि तो उसके लिए भी आप इसी प्रकार अपनी सैलरी का कुछ हिस्सा हर महीने बचा सकते है. और पर्याप्त धन इक्कठा होने के पश्चात आप वह वस्तु आसानी से ख़रीद सकते है.

#3 इमरजेंसी फंड बनाये

कोई नहीं जानता की आने वाला वक्त कैसा रहेगा। किसी के लिए भी यह अंदाजा लगा पाना लगभग नामुमकिन ही है।

 

हो सकता है की आज जो आप नौकरी कर रहे है कल वो ही न रहे, हो सकता है की घर का कोई सदस्य अचानक  बीमार पड़ जाए और उनके इलाज के लिए ढेर सारे पैसे की आवश्यकता हो. 

 

ऐसी स्तिथि को हम टाल तो नहीं सकते लेकिन इन परिस्थितियों के लिए पहले से ही खुद को तैयार जरूर कर सकते है. और ऐसी ही परिस्थितियों से निपटने के लिए ही हम इमरजेंसी फंड बनाते है. जिसकी आवश्यकता पड़ने पर उस फंड को हम तुरंत निकाल सकते है. 

 

अब बात आती है की एमेर्जेंसी फंड तैयार कैसे करें और कितना करें। 

 

अगर एक्सपर्ट की माने तो जितना हम महीने का कमाते है उसका कम से कम 6 गुणा हमें इमरजेंसी फंड के रूप में रखना चाहिए। हालांकि इतना बड़ा फंड एक महीने की इनकम से नहीं बना सकते। इसके लिए आपको हर महीने अपनी कमाई का कुछ हिस्सा किसी ऐसी जगह इन्वेस्ट करना होगा जिसे आप जरूरत पड़ने पर बिना किसी चार्ज के तुरंत निकाल सके जैसे की Saving Account, FD, Liquid Mutual funds  आदि.

 

इमरजेंसी फंड बनाने के लिए आप सालाना मिलने वाले बोनस या पहले से कोई सेविंग स्कीम ले रखा है और उसकी maturity date आ चुकी है, इस तरह के फंड का भी उपयोग कर आप आसानी से इमरजेंसी फंड बना सकते है.

#4 हर प्रकार के बिल का समय पर भुकतान करें

अक्सर देखा जाता है की लोग अपने EMI, Electricity Bill, Water Bill आदि को समय पर भुकतान करना भूल जाते है. जिसकी वजह से उन्हें बहुत ज्यादा पेनल्टी देनी पर जाती है और इससे उन्हें पैसे का नुक्सान तो होता ही है साथ ही EMI आदि के लेट पेमेंट की वजह से उनके क्रेडिट स्कोर पर भी इस बात का बुरा प्रभाव पड़ता है.

 

इसलिए यह बहुत जरूरी है की हर प्रकार के बिल को आप  उसकी देय तारिक (Due Date) से पहले ही भर दें ताकि आपको किसी प्रकार का एक्स्ट्रा चार्ज या पेनल्टी न देना पड़े और आपका क्रेडिट स्कोर भी ठीक रहे.

#5 अपनी नौकरी के आलावा आय का कोई दूसरा स्रोत भी देखे

अगर आप अपने घर में कमाने वाले अकेले व्यक्ति है तो आपके लिए बहुत जरूरी है की जल्द कोई दूसरा भी Earning का  स्रोत देखे। 

 

हाल फ़िलहाल में ही हमने देखा की कोरोना महामारी की वजह से लाखो लोगो की नौकरी चली गयी. और उनके पास उस नौकरी के आलावा कोई दूसरा Earning स्रोत भी नहीं था. आप सोच सकते है ऐसे में उन लोगो पर क्या बीती होगी।

 

आज के डिजिटल दौर में दूसरे earning स्रोत ढूंढना कठिन नहीं है. बस आपको अपने इंटरेस्ट के हिसाब से कोई स्किल डेवेलप करनी होगी जिसे आप नौकरी के साथ पार्ट टाइम में भी कर सके. उदहारण के लिए आप कंटेंट राइटर बन सकते है, शेयर मार्केट में ट्रेड कर सकते है, पार्ट टाइम में प्रोडक्ट को ऑनलाइन बेच सकते है, फोटोग्राफी कर सकते है.

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